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Amethyst Stone Side Effects in hindi

जानिए Amethyst Stone के Side Effects, फायदे, उपयोग और असली Amethyst की पहचान। खरीदें असली रत्न सिर्फ Vedic Crystals से।


By Midhun gb
13 min read

Amethyst pendant

Amethyst Stone Side Effects in Hindi: जमुनिया रत्न के नुकसान, सावधानियां और सम्पूर्ण जानकारी

 


Amethyst Stone Side Effects in Hindi: एक परिचय

Amethyst जिसे हिंदी में जमुनिया, जामुनिया, या कटेला रत्न कहते हैं, एक अत्यंत सुंदर और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रत्न है। रत्न ज्योतिष में जमुनिया रत्न शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है। इसका रंग गहरा जामुनी या बैंगनी होता है, इसीलिए इसे जमुनिया कहा जाता है। यह रत्न मानसिक शांति, एकाग्रता, आत्मबल और बुरी आदतों से छुटकारा दिलाने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

यह रत्न शनि ग्रह का उपरत्न माना जाता है और नीलम रत्न का विकल्प के रूप में पहना जाता है। इसे शनि दोष, शनि साढ़े साती, और शनि की महादशा में पहनने की सलाह दी जाती है।

लेकिन हर रत्न की तरह जमुनिया भी हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। हालांकि जमुनिया को अपने healing properties के लिए जाना जाता है, कुछ लोगों को इसे पहनने के बाद negative side effects का अनुभव होता है। इस रत्न से जुड़े कम ज्ञात side effects और उन्हें कम करने के उपाय जानना अत्यंत आवश्यक है।

यह पेज विशेष रूप से उन लोगों के लिए लिखा गया है जो जमुनिया रत्न पहनने से पहले या पहनने के बाद इसके संभावित नुकसान, सावधानियां और उपाय जानना चाहते हैं।


जमुनिया रत्न (Amethyst) क्या है?

Amethyst stone को हिंदी में Katela या Jamunia कहा जाता है। Amethyst stone का नाम Greek शब्द Amethystos से आया है जिसका अर्थ है "नशे में नहीं।" यह एक semi-precious gemstone है जो Quartz family का हिस्सा है।

जमुनिया रत्न शनि ग्रह का उपरत्न है। इसे "जमुनिया" इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका रंग गहरे जामुनी रंग के जामुन फल जैसा होता है। वैदिक ज्योतिष में इसे नीलम का विकल्प माना जाता है।

जमुनिया रत्न के अनेक फायदे हैं जैसे मानसिक शांति, तनाव मुक्ति, शनि दोष का शमन, और आत्मिक विकास। परंतु इसके कुछ side effects भी हो सकते हैं जो विशेष रूप से तब प्रकट होते हैं जब यह रत्न गलत तरीके से धारण किया जाए, नकली हो, या व्यक्ति की जन्म कुंडली के अनुसार उपयुक्त न हो।

Amethyst stone | Jamunia stone | Katela stone | 12 carat


Amethyst Stone के Side Effects: एक नजर में

दुष्प्रभाव (Side Effect) किन्हें होता है कारण
सिरदर्द और चक्कर अग्नि राशि के जातक उच्च ऊर्जा कंपन का संघर्ष
भावनात्मक अस्थिरता जिनकी कुंडली में शनि अशुभ गलत ग्रह सक्रियता
नींद में बाधा और बुरे सपने संवेदनशील व्यक्ति Crown Chakra का अत्यधिक सक्रिय होना
उदासी और अवसाद वृष, तुला लग्न कुंडली से मेल न खाना
शारीरिक कमजोरी नकली पत्थर पहनने वाले ऊर्जा असंतुलन
चिड़चिड़ापन और गुस्सा मेष, सिंह, धनु राशि शांत ऊर्जा का अग्नि ऊर्जा से टकराव
एकाकीपन और अलगाव की भावना कुछ विशेष लग्न भावनात्मक detachment का बढ़ना
निर्णय लेने में कठिनाई अनुचित विधि से पहनने वाले सही activation न होना
त्वचा पर जलन या एलर्जी धातु से एलर्जी रत्न की धातु (silver/gold) से प्रतिक्रिया
वित्तीय हानि जिन राशियों के लिए शनि अशुभ कुंडली से विपरीत फल

जमुनिया रत्न के मुख्य Side Effects विस्तार से

1. सिरदर्द और चक्कर आना

कुछ लोगों को जमुनिया रत्न पहनने के बाद physical discomfort का अनुभव होता है। यदि ये लक्षण बने रहें, तो रत्न को हटाकर किसी ज्योतिषी से परामर्श लेना चाहिए।

जमुनिया रत्न Crown Chakra यानी सहस्रार चक्र को सक्रिय करता है। कुछ व्यक्तियों में, विशेषकर जो पहली बार कोई ग्रह रत्न पहन रहे हों, यह अत्यधिक ऊर्जा सक्रियता सिरदर्द, भारीपन, या चक्कर के रूप में प्रकट हो सकती है। यह स्थिति आमतौर पर अस्थायी होती है और पहले एक से दो सप्ताह तक रह सकती है।

उपाय: यदि सिरदर्द या चक्कर बना रहे तो रत्न को कुछ दिन न पहनें। फिर धीरे-धीरे पहले एक-दो घंटे, फिर आधा दिन, और उसके बाद पूरे दिन पहनना शुरू करें। इस तरह शरीर धीरे-धीरे रत्न की ऊर्जा के अनुकूल हो जाता है।

2. भावनात्मक अस्थिरता और मूड स्विंग्स

जमुनिया रत्न emotional healing से जुड़ा है, लेकिन कुछ मामलों में यह emotional instability का कारण बन सकता है। Mood swings: कुछ users अचानक emotional shifts का अनुभव करते हैं। Over-sensitivity: कुछ लोग अत्यधिक भावुक या reactive हो जाते हैं। Confusion और overthinking: अत्यधिक mental energy stress का कारण बन सकती है। Detachment: कुछ पहनने वाले emotionally distant या disconnected महसूस करते हैं।

ये प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों में अधिक देखे जाते हैं जिनकी कुंडली में शनि पहले से ही पीड़ित हो और जो भावनात्मक रूप से संवेदनशील हों। जमुनिया की शांत करने वाली ऊर्जा कभी-कभी पुराने दबे-छुपे भावनात्मक घावों को सतह पर ला देती है, जो प्रारंभ में अस्थिरता की तरह महसूस हो सकता है लेकिन वास्तव में गहरे उपचार की प्रक्रिया का हिस्सा होता है।

उपाय: यदि भावनात्मक अस्थिरता बनी रहे तो किसी विश्वसनीय ज्योतिषी या मनोचिकित्सक से परामर्श लें। रत्न को कुछ दिन उतारकर रखें और अपने भावनात्मक अनुभवों को किसी डायरी में लिखें।

3. नींद में बाधा और बुरे सपने

हालांकि जमुनिया को आमतौर पर नींद में सुधार के लिए जाना जाता है, कुछ व्यक्तियों में इसे पहनकर सोने से उलटा असर देखा जाता है। Crown Chakra की अत्यधिक सक्रियता कभी-कभी vivid dreams, बेचैनी, या बुरे सपने का कारण बन सकती है।

यदि nightmares या restlessness हो तो इसे सोते समय पहनने से बचें।

उपाय: रात को सोने से पहले जमुनिया की अंगूठी या ब्रेसलेट उतार दें। रत्न को तकिए के नीचे रखने की बजाय बेडसाइड टेबल पर रखें। धीरे-धीरे शरीर अभ्यस्त हो जाएगा।

4. उदासी, अवसाद और एकाकीपन

जमुनिया रत्न detachment यानी वैराग्य की भावना को बढ़ाता है क्योंकि इसका आध्यात्मिक स्वभाव व्यक्ति को भौतिक संसार से ऊपर उठाने की कोशिश करता है। कुछ व्यक्तियों में यह गुण एकाकीपन, उदासी, या यहां तक कि हल्के अवसाद के रूप में प्रकट हो सकता है, विशेषकर वे जो अभी भौतिक जीवन में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।

Detachment की भावना: कुछ पहनने वाले emotionally distant या disconnected महसूस करते हैं। ये प्रभाव अधिक सामान्य हैं fire signs जैसे Aries, Leo, Sagittarius में क्योंकि Jamunia की calming energy उनकी fiery nature से conflict करती है।

उपाय: यदि उदासी या अवसाद के लक्षण दिखें तो तुरंत रत्न उतारें और किसी qualified astrologer से अपनी कुंडली की पुनः जांच कराएं। यह भी संभव है कि रत्न आपकी जन्म कुंडली के अनुसार उपयुक्त न हो।

5. गलत या नकली पत्थर पहनने के नुकसान

यदि आप certified Jamunia stone की जगह low-quality imitation पहनते हैं तो इससे कोई लाभ नहीं होता और हानि हो सकती है।

बाजार में बड़ी संख्या में नकली अमेथिस्ट उपलब्ध हैं जो कांच, रंगे हुए quartz, या synthetic material से बने होते हैं। नकली पत्थर न केवल ज्योतिषीय फायदा नहीं देते बल्कि उनकी अशुद्ध ऊर्जा शरीर के ऊर्जा तंत्र में असंतुलन पैदा कर सकती है।

नकली पत्थर के लक्षण: रंग बहुत ज्यादा एकसमान और कृत्रिम दिखता है, पत्थर बहुत हल्का होता है, प्राकृतिक inclusions नहीं होते, और certified lab report नहीं होती।

Amethyst Certificate | 9 carat

6. जिन राशियों के लिए जमुनिया हानिकारक हो सकता है

Not everyone is suited to wear Jamunia stone. It is important to know if it aligns with your zodiac sign and planetary position. If you belong to these categories, consult an expert before wearing Jamunia stone.

वैदिक ज्योतिष के अनुसार निम्नलिखित लग्न और राशि वालों को जमुनिया धारण करने से पहले अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए और किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना अनिवार्य है।

वृष लग्न (Taurus Ascendant) के लिए शनि षष्ठेश और सप्तमेश होता है जो कुछ विशेष योगों में जमुनिया से हानि दे सकता है। मिथुन लग्न (Gemini Ascendant) के लिए शनि अष्टमेश और नवमेश होता है जो mixed results देता है। कन्या लग्न (Virgo Ascendant) के जातकों को भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि शनि की स्थिति उनके लिए जटिल हो सकती है। तुला लग्न (Libra Ascendant) में शनि योगकारक होता है लेकिन गलत तरीके से पहनने पर परिणाम उल्टे भी हो सकते हैं।

मेष (Aries), सिंह (Leo), और धनु (Sagittarius) राशि के जातक जो अग्नि तत्व के हैं, उन्हें जमुनिया की शांत और Saturn-oriented ऊर्जा से conflict हो सकता है। यह conflict भावनात्मक अस्थिरता, क्रोध, या अवसाद के रूप में प्रकट हो सकता है।

7. गलत धातु या गलत विधि से पहनने के नुकसान

Amethyst को Silver या Platinum में पहनना चाहिए और Gold से बचना चाहिए।

यदि जमुनिया को gold में पहना जाए, तो कुछ कुंडलियों में यह अशुभ फल दे सकता है क्योंकि gold सूर्य ग्रह की धातु है और सूर्य तथा शनि परस्पर शत्रु ग्रह हैं। इसी प्रकार यदि रत्न को गलत उंगली में, गलत दिन, या बिना शुद्धिकरण के पहना जाए तो अपेक्षित लाभ नहीं मिलता और कभी-कभी हानि भी हो सकती है।

उपाय: हमेशा silver में open-back setting में, दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में, शनिवार की शाम, Gangajal या कच्चे दूध में रात भर रखने के बाद मंत्र जाप के साथ पहनें।

8. अत्यधिक आध्यात्मिक ऊर्जा का असंतुलन

जमुनिया Crown Chakra और Third Eye Chakra को एक साथ सक्रिय करता है। यदि कोई व्यक्ति जो पहले कभी इस तरह के उच्च-आध्यात्मिक रत्नों का उपयोग नहीं किया हो, अचानक इसे पहनना शुरू कर दे तो अत्यधिक spiritual awakening के लक्षण जैसे confusion, अत्यधिक सपने, psychic sensitivity, या वास्तविकता से disconnection की भावना हो सकती है।

यह विशेषकर उन लोगों में देखा जाता है जो तनाव में हों, जिनकी दिनचर्या अनियमित हो, या जो पहले से किसी मानसिक स्वास्थ्य चुनौती से गुजर रहे हों।

उपाय: यदि ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत रत्न उतारें और पहले grounding practices जैसे प्राणायाम, योग, या earthing करें। किसी अनुभवी ज्योतिषी से मार्गदर्शन लें।

9. वित्तीय हानि या करियर में रुकावट

यदि किसी की जन्म कुंडली में शनि लग्नेश, चतुर्थेश, या किसी अन्य शुभ स्थान का स्वामी न होकर अशुभ स्थानों जैसे छठे, आठवें, या बारहवें भाव का स्वामी हो, तो शनि के रत्न जमुनिया को पहनने से उन अशुभ भावों की ऊर्जा और सक्रिय हो सकती है। इससे करियर में बाधा, वित्तीय हानि, या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

यही सबसे बड़ा कारण है कि किसी भी ग्रह रत्न को पहनने से पहले किसी विद्वान और अनुभवी Vedic Jyotishi से अपनी संपूर्ण जन्म कुंडली का विश्लेषण कराना अनिवार्य है।

10. त्वचा पर प्रतिक्रिया

To minimize side effects, always use certified Jamunia stone to avoid low-quality imitations. Cleanse and energise the stone before wearing it. Start with short durations before wearing it full-time. Observe your body and emotions for any negative reactions.

कुछ लोगों को silver या gold से एलर्जी होती है। इस स्थिति में रत्न की धातु से त्वचा पर लालिमा, खुजली, या जलन हो सकती है। यह side effect रत्न की ऊर्जा से नहीं बल्कि धातु से होती है और इसे hypoallergenic settings से या platinum में जड़वाकर दूर किया जा सकता है।


किसे नहीं पहनना चाहिए जमुनिया रत्न?

Not everyone is suited to wear Jamunia stone. It is important to know if it aligns with your zodiac sign and planetary position.

निम्नलिखित परिस्थितियों में जमुनिया रत्न पहनने से बचना चाहिए या कम से कम पहले किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

जिनकी जन्म कुंडली में शनि योगकारक नहीं है और उनके लिए मारक या अशुभ फल देने वाला ग्रह है, उन्हें जमुनिया नहीं पहनना चाहिए। जो वर्तमान में किसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या से गुजर रहे हों जैसे गहरी अवसाद, bipolar disorder, या psychosis, उन्हें बिना चिकित्सकीय और ज्योतिषीय परामर्श के इसे नहीं पहनना चाहिए। जिन्हें silver या gold से एलर्जी हो। जो पहले से Ruby, Pearl, या Red Coral पहन रहे हों क्योंकि ये Saturn के विरोधी ग्रहों सूर्य, चंद्र, और मंगल के रत्न हैं। जो गर्भवती महिलाएं हैं, उन्हें किसी भी ग्रह रत्न को पहनने से पहले ज्योतिषी और स्त्री रोग विशेषज्ञ दोनों से परामर्श लेना चाहिए।

Amethyst pendant


जमुनिया रत्न के Side Effects कम करने के उपाय

If you experience negative side effects, try these remedies: Remove the stone for a few days and observe changes. Cleanse it using salt water, incense, or moonlight. Consult an astrologer for guidance. Consider switching to a different stone if side effects persist.

Side effects होने पर निम्न उपाय करें। पहला उपाय है रत्न तुरंत उतार दें। यदि कोई भी असुविधाजनक लक्षण दिखे तो पहले रत्न उतारें, फिर ज्योतिषी से परामर्श करें। दूसरा उपाय है रत्न की शुद्धि करें। रत्न को Gangajal या साफ पानी में रात भर रखें। तीसरा उपाय है पूर्णिमा की रात चांदनी में रखें। इससे रत्न की accumulated negative energy निकलती है और वह recharge होता है। चौथा उपाय है ज्योतिषी से कुंडली पुनः विश्लेषण कराएं। यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। पांचवां उपाय है धीरे-धीरे धारण करें। पहले एक-दो घंटे पहनें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।


जमुनिया रत्न के Side Effects: संक्षिप्त संदर्भ तालिका

विषय विवरण
रत्न का नाम जमुनिया, कटेला (Amethyst)
शासक ग्रह शनि (Saturn)
किन राशियों के लिए उपयुक्त कुंभ (Aquarius), मकर (Capricorn), मीन (Pisces)
किन राशियों को सावधानी वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मेष, सिंह, धनु
सबसे बड़ा side effect कुंडली से मेल न खाने पर वित्तीय और स्वास्थ्य हानि
अन्य side effects सिरदर्द, नींद में बाधा, भावनात्मक अस्थिरता, एकाकीपन
नकली पत्थर का खतरा ऊर्जा असंतुलन और ज्योतिषीय लाभ शून्य
गलत धातु का खतरा सूर्य-शनि शत्रुता के कारण अशुभ फल
side effects कम करने का उपाय रत्न उतारें, शुद्धि करें, ज्योतिषी से परामर्श लें
कब तुरंत उतारें लगातार सिरदर्द, अवसाद, नींद न आना, क्रोध बढ़ना
सही धातु चांदी (Silver) preferred
सही उंगली मध्यमा (Middle finger), दाहिना हाथ
सही दिन शनिवार की शाम
मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः, 108 बार
प्रमाणीकरण GIA, IGI, GLI, IGITL certified natural stone

जमुनिया रत्न सही तरीके से कैसे पहनें: Side Effects से बचने के लिए

सही विधि से जमुनिया पहनने पर side effects की संभावना बहुत कम हो जाती है। निम्न विधि का पालन करें।

सबसे पहले किसी योग्य Vedic Jyotishi से अपनी संपूर्ण जन्म कुंडली का विश्लेषण कराएं और पुष्टि करें कि जमुनिया आपके लिए उपयुक्त है।

एक दिन पहले रत्न की अंगूठी को पवित्र Gangajal में रखें। फिर शनिवार की शाम रत्न को शुद्ध और सक्रिय करें। ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करते हुए original amethyst stone ring को पहनें।

रत्न की setting open-back होनी चाहिए ताकि रत्न का तल त्वचा को छू सके। रत्न natural, unheated, untreated और lab certified होना चाहिए। पहले कुछ दिन केवल कुछ घंटे पहनें और शरीर की प्रतिक्रिया देखें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।


जमुनिया रत्न के Side Effects और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

While astrology claims Jamunia stone influences a person's energy and destiny, scientific studies suggest its effects are largely placebo-based. No concrete evidence of gemstones altering energy fields. Psychological effects may stem from belief and perception. Both perspectives highlight the importance of individual experience.

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि रत्नों के ज्योतिषीय प्रभाव भारतीय परंपरागत ज्ञान और हजारों वर्षों के अनुभव पर आधारित हैं। आधुनिक विज्ञान ने अभी तक gemstones के aura या planetary energy पर प्रभाव को प्रमाणित नहीं किया है।

परंतु यह भी सत्य है कि लाखों लोग जमुनिया पहनने के बाद सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव करते हैं। इसलिए सबसे विवेकपूर्ण दृष्टिकोण यह है कि किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी विद्वान Vedic Jyotishi से परामर्श अवश्य लें और अपने शरीर और मन की प्रतिक्रियाओं पर ध्यान रखें।


जमुनिया रत्न के साथ कौन से रत्न नहीं पहनने चाहिए?

जमुनिया शनि का रत्न है इसलिए इसे शनि के शत्रु ग्रहों के रत्नों के साथ नहीं पहनना चाहिए।

माणिक्य (Ruby) सूर्य का रत्न है जिसे जमुनिया के साथ कभी नहीं पहनना चाहिए क्योंकि सूर्य और शनि परस्पर शत्रु ग्रह हैं। मोती (Pearl) चंद्रमा का रत्न है जो जमुनिया के साथ incompatible है। मूंगा (Red Coral) मंगल का रत्न है जो शनि का शत्रु है। पुखराज (Yellow Sapphire) और सुनेला (Citrine) बृहस्पति के रत्न हैं। बृहस्पति और शनि की complex antagonistic relationship होती है।

पन्ना (Emerald) बुध का रत्न है जो शनि का मित्र है इसलिए यह जमुनिया के साथ generally compatible है। नीलम (Blue Sapphire) शनि का प्राथमिक रत्न है जो स्वाभाविक रूप से जमुनिया के साथ aligned है। किसी भी रत्न के combination को पहनने से पहले किसी योग्य Vedic Jyotishi से अवश्य परामर्श लें।

Amethyst Stone ring


जमुनिया रत्न: असली की पहचान कैसे करें

नकली जमुनिया से बचने के लिए ये बातें ध्यान रखें।

असली जमुनिया का रंग गहरा, warm, और luminous होता है। Magnification में natural inclusions दिखते हैं। पत्थर छूने पर थोड़ा ठंडा लगता है। Color distribution पूरे पत्थर में even होता है। Glass imitation बहुत हल्की होती है और color surface पर होता है न कि अंदर से।

हमेशा GIA, IGI, GLI, या IGITL जैसी मान्यता प्राप्त gemological laboratory से certified और natural amethyst ही खरीदें। Certificate में स्पष्ट रूप से natural, unheated, untreated लिखा होना चाहिए।


जमुनिया रत्न की देखभाल कैसे करें

जमुनिया की Mohs scale पर hardness 7 है इसलिए यह daily wear के लिए पर्याप्त durable है लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं।

रत्न को harsh chemicals, strong perfumes, और chlorinated swimming pools से दूर रखें। प्रत्यक्ष तेज धूप में लंबे समय तक न रखें क्योंकि इससे रंग फीका पड़ सकता है। हर हफ्ते एक बार ठंडे पानी से धोएं और मुलायम कपड़े से पोंछें। हर हफ्ते पूर्णिमा की रात चांदनी में रखें। Diamonds, Rubies, Sapphires जैसे कठोर रत्नों से अलग store करें ताकि scratch न आए। एक मुलायम कपड़े की थैली या padded box में रखें।


अंतिम विचार: जमुनिया रत्न के Side Effects और सही निर्णय

जमुनिया रत्न अपने आप में एक अत्यंत शक्तिशाली, सुंदर, और व्यापक रूप से लाभकारी रत्न है। हजारों वर्षों की Vedic परंपरा में इसे मानसिक शांति, शनि दोष निवारण, और आत्मिक विकास के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।

Jamunia stone एक powerful gemstone है, लेकिन यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। जबकि कई लोग इसके healing properties से लाभान्वित होते हैं, कुछ लोग astrological, emotional, या physical factors के कारण side effects अनुभव करते हैं। हमेशा इसे पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से परामर्श लें। अपनी emotions और physical health पर negative effects के लिए नजर रखें। persistent discomfort होने पर पत्थर उतार दें। Stone को cleanse और energise करने से side effects कम हो सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी ग्रह रत्न को पहनना एक गंभीर ज्योतिषीय निर्णय है जो आपकी जन्म कुंडली के गहन विश्लेषण पर आधारित होना चाहिए। सही रत्न, सही विधि, और सही परिस्थितियों में जमुनिया का पहनना आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, मानसिक शांति, और शनि के शुभ फल लेकर आ सकता है।

जमुनिया शनि का उपहार है उन लोगों के लिए जो सही विधि और सही नियत के साथ इसे धारण करते हैं। इसे सम्मान, श्रद्धा, और ज्योतिषीय मार्गदर्शन के साथ पहनें और शनि देव की असीम कृपा प्राप्त करें।

 


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