गोमेद रत्न पहनने का दिन और समय | Gomed Stone Wearing Day and time in hindi
गोमेद रत्न पहनने का सही दिन, समय, विधि और ज्योतिषीय लाभ जानें। प्रमाणित गोमेद खरीदें Vedic Crystals से।
गोमेद रत्न पहनने का दिन और समय | Gomed Stone Wearing Day and Time in Hindi
Quick Answer
गोमेद रत्न (Gomed Stone) को शुक्ल पक्ष के शनिवार को सूर्यास्त के बाद, शुद्ध चांदी में जड़ी हुई अंगूठी को मध्यमा उंगली में धारण करना सबसे शुभ माना जाता है। पहनने से पहले राहु बीज मंत्र का 108 बार जाप करें। यदि शनिवार संभव न हो, तो बुधवार सांयकाल भी उपयुक्त है — क्योंकि दोनों ही दिन राहु ग्रह से संबंधित हैं।
परिचय: गोमेद रत्न पहनने का सही दिन और समय क्यों महत्वपूर्ण है?
गोमेद (Gomed) रत्न राहु ग्रह से संबंधित एक शक्तिशाली रत्न है, जो नकारात्मक ऊर्जा, मानसिक तनाव, कानूनी विवाद, शत्रु बाधा, और वित्तीय अस्थिरता को दूर करने में मदद करता है।
लेकिन अगर इसे गलत दिन और समय पर पहना जाए, तो यह अपने पूर्ण लाभ नहीं दे पाता। इसलिए, गोमेद धारण करने का सही दिन और शुभ मुहूर्त जानना बहुत जरूरी है।
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अनुक्रमणिका (Table of Contents)
- गोमेद रत्न क्या है?
- गोमेद रत्न पहनने का सही दिन और समय
- गोमेद रत्न पहनने की विधि
- गोमेद रत्न धारण करने के ज्योतिषीय लाभ
- किन राशियों को गोमेद रत्न धारण करना चाहिए?
- किन राशियों को गोमेद रत्न नहीं पहनना चाहिए?
- गोमेद रत्न को शुद्ध और चार्ज करने की विधि
- गोमेद रत्न पहनने के बाद ध्यान देने योग्य बातें
- गोमेद रत्न की कीमत और गुणवत्ता
- कहां से खरीदें प्रमाणित गोमेद रत्न?
1. गोमेद रत्न क्या है?
गोमेद (Gomed) जिसे हेसोनाइट गार्नेट (Hessonite Garnet) भी कहा जाता है, एक अर्द्ध-कीमती रत्न है जो राहु ग्रह से जुड़ा हुआ है। यह भूरे-नारंगी से लेकर शहद जैसे पीले-लाल रंग में पाया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
- रंग: हल्का भूरा, शहद रंग, गहरा नारंगी
- रासायनिक संघटन: कैल्शियम एल्युमिनियम सिलिकेट
- कठोरता: 6.5 - 7.5 (मोहर स्केल)
- शासन ग्रह: राहु (Rahu)
- चक्र: मूलाधार चक्र (Root Chakra)
- प्रतीक: सुरक्षा, समृद्धि, सफलता

2. गोमेद रत्न पहनने का सही दिन और समय
गोमेद पहनने का सर्वश्रेष्ठ दिन:
✔️ शनिवार (Shaniwar) – राहु और शनि का दिन होने के कारण यह सबसे शुभ दिन माना जाता है।
✔️ कुछ मामलों में बुधवार (Budhwar) भी राहु की ऊर्जा को बढ़ाने के लिए उपयुक्त हो सकता है।
गोमेद पहनने का सही समय:
✔️ शाम के समय (राहु काल) में धारण करें
✔️ राहु काल (Rahu Kaal) का समय हर दिन अलग होता है
✔️ राहु काल का समय सामान्यतः दोपहर 3:00 से 4:30 बजे के बीच होता है (स्थान के अनुसार अंतर संभव है)।
👉 राहु काल में गोमेद धारण करने से यह तुरंत प्रभावी होता है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है।
3. गोमेद रत्न पहनने की विधि
सही धातु:
✔️ चांदी (Silver) में पहनना सबसे अच्छा माना जाता है।
✔️ पंचधातु (Panchdhatu) में भी पहना जा सकता है, लेकिन सोने में पहनना उचित नहीं।
सही उंगली:
✔️ मध्यमा उंगली (Middle Finger) में पहनें क्योंकि यह शनि और राहु का प्रतिनिधित्व करती है।
शुद्धिकरण और मंत्र जाप:
1️⃣ गंगाजल और कच्चे दूध में 15 मिनट तक गोमेद को डुबोएं।
2️⃣ शुद्ध जल से धोकर साफ कपड़े से पोंछें।
3️⃣ गोमेद को हाथ में लें और नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें:
🕉️ "ॐ रां राहवे नमः"
4️⃣ अब इसे अपनी मध्यमा उंगली में पहन लें।
👉 सही विधि से पहनने पर गोमेद रत्न का प्रभाव तुरंत महसूस किया जा सकता है।
4. गोमेद रत्न धारण करने के ज्योतिषीय लाभ
| लाभ | कैसे मदद करता है? |
|---|---|
| राहु दोष का निवारण | राहु ग्रह की नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है |
| मानसिक स्पष्टता | भ्रम, अनिर्णय और चिंता को दूर करता है |
| वित्तीय स्थिरता | व्यापार और करियर में उन्नति लाता है |
| शत्रु बाधा से सुरक्षा | दुश्मनों और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है |
| स्वास्थ्य में सुधार | मानसिक तनाव और नसों से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद |
| कानूनी मामलों में सफलता | मुकदमों और विवादों में विजय दिलाता है |
5. किन राशियों को गोमेद रत्न धारण करना चाहिए?
✔️ मिथुन (Gemini), तुला (Libra), कुंभ (Aquarius) राशि के जातकों के लिए सबसे उपयुक्त।
✔️ राहु महादशा, राहु की साढ़ेसाती या राहु के अशुभ प्रभाव झेल रहे लोगों को लाभकारी।

6. किन राशियों को गोमेद रत्न नहीं पहनना चाहिए?
🚫 मेष (Aries), कर्क (Cancer), सिंह (Leo) राशि वालों को पहनने से बचना चाहिए।
🚫 जिनकी कुंडली में राहु शुभ स्थिति में है, उन्हें यह रत्न धारण नहीं करना चाहिए।
7. कहां से खरीदें प्रमाणित गोमेद रत्न?
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Frequently Asked Questions
गोमेद रत्न किस दिन धारण करना चाहिए?
गोमेद रत्न धारण करने के लिए शनिवार का दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, विशेषकर शुक्ल पक्ष के शनिवार को सूर्यास्त के बाद। बुधवार सांयकाल भी उपयुक्त है क्योंकि दोनों दिन राहु ग्रह से जुड़े हैं। पहनते समय राहु बीज मंत्र का जाप करना अनुशंसित है।
गोमेद पहनने का सही समय क्या है?
गोमेद को सूर्यास्त के बाद, प्रदोष काल में (शाम 6-7 बजे) पहनना उत्तम माना जाता है क्योंकि राहु एक छाया ग्रह है और रात्रि से जुड़ा है। राहु काल के समय पहनने से बचें, बल्कि सामान्य शुभ मुहूर्त में इसे धारण करें।
गोमेद रत्न किस उंगली में पहनना चाहिए?
गोमेद रत्न को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली (middle finger) में धारण करना चाहिए, क्योंकि यह उंगली शनि से जुड़ी है और शनि राहु के साथ मैत्री रखता है। इसे चांदी या पंचधातु में जड़वाना सबसे उपयुक्त होता है।
गोमेद पहनने के पहले क्या करना चाहिए?
गोमेद पहनने से पहले उसे रातभर गंगाजल या कच्चे दूध में डुबोकर शुद्ध करें। शनिवार सुबह उसे बहते जल से धोकर धूप-दीप जलाएं और राहु बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का 108 बार जाप करते हुए धारण करें।
गोमेद पहनने के लिए किस बीज मंत्र का जाप करें?
गोमेद पहनते समय राहु का बीज मंत्र चाहिए: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः'। इसका 108 बार जाप करें। कुछ पंडित छोटा मंत्र 'ॐ रां राहवे नमः' का भी सुझाव देते हैं, जो सरल है और नए भक्तों के लिए उपयुक्त है।
क्या गोमेद हर कोई पहन सकता है?
गोमेद हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। यह मुख्यतः राहु महादशा या अंतर्दशा वाले लोगों, कुंडली में राहु के प्रबल या पीड़ित होने पर, तथा कुंभ (Aquarius) व कन्या (Virgo) राशि वालों के लिए अनुशंसित है। धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
गोमेद पहनने के बाद कितने दिन में असर दिखता है?
गोमेद के प्रभाव आमतौर पर 30 से 90 दिनों में दिखाई देने लगते हैं। मानसिक स्पष्टता और भ्रम में कमी सबसे पहले महसूस होती है। यदि तीन दिन के भीतर कोई नकारात्मक अनुभव हो (जैसे चिंता या नींद न आना) तो पहले किसी ज्योतिषी से मिलें।
गोमेद के साथ कौन से रत्न नहीं पहनने चाहिए?
गोमेद के साथ मोती (Pearl), माणिक्य (Ruby) और मूंगा (Coral) एक साथ नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि ये चंद्र, सूर्य और मंगल — तीनों ग्रह राहु से शत्रुता रखते हैं। इनके संयोजन से ज्योतिषीय टकराव हो सकता है।
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Last updated: August 2026